कोरोना संकट के बीच रिजर्व बैंक गवर्नर शक्ति दास ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस


Priyanka singh

पूरे देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर चल रही है, जिसका असर छोटे उद्योग जैसे स्मॉल फाइनेंस के बैंक, MSME और इंडीविजुअल्स पर हो रहा है। इस विषय पर रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांता दास ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई राहतों का ऐलान किया है।

हालांकि उम्मीद जताई जा रही थी कि RBI लोन मोराटोरियम को लेकर कोई बड़ा ऐलान करेगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। विशेषज्ञयों का कहना है कि शायद रिजर्व बैंक इस बात का इंतजार कर रहा है कि उनके इन फैसलों से बैंकों पर क्या असर पड़ेगा, शायद अगली पॉलिसी में मोराटोरियम को लेकर कुछ ऐलान हो सकता है।

रिजर्व बैंक ने हुई बैठक में कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के कारण आर्थिक हालात खराब होते नजर आ रहे हैं। उन्होंने आर्थिक हालात को देखते हुए बैठक में 10 बड़े ऐलान किए हैं। आइए जानते हैं क्या है वह 10 ऐलान

गौरतलब है कि RBI ने ऑन टैप लिक्विडिटी का ऐलान किया है, बैंक में 3 साल के लिए 31 मार्च 2022 तक 50,000 करोड़ रुपये की विंडो खोली है। आपको बता दें कि इस स्कीम के तहत बैंक वैक्सीन मैन्युफैक्चरर्स, मेडिकल की सुविधाएं देगी, ऐलान में यह भी कहा गया है कि अगर बैंक चाहेगी तो कोविड लोन बुक भी बना सकती है।

रिजर्व बैंक ने ऐलान में यह भी कहा कि 35000 करोड़  की गवर्नमेंट सिक्योरिटी की खरीद दूसरे चरण 20 मई को शुरू की जाएगी, इसके अलावा प्रायोरिटी सेक्टरों को जल्द ही लोन और इंसेंटिव का प्रावधान दिया जाएगा। बैंक ने कहा कि 500 करोड़ रुपये तक असेट वाले MFIs प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग भी शामिल किए जाएंगे, वहीं स्मॉल फाइनेंस बैंक्स 500 करोड़ रुपये की साइज वाले स्मॉलर माइक्रोफाइनेंस इंस्टीट्यूशन को कर्ज दे सकते हैं। 

रिजर्व बैंक ने ऐलान किया कि स्मॉल फाइनेंस बैंक्स के लिए 3 साल के लिए 10,000 करोड़ रुपये का SLTRO यानी कर्ज देंगे. इनके लिए 10 लाख प्रति कर्ज़दारो की सीमा होगी, इनको  31 मार्च 2022 तक टर्म सुविधा मिलेगी। मौजूदा स्थिति में KYC नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं, वीडियो के जरिए KYC को मंजूरी दी गई है।

रिजर्व बैंक ने इंडीविजुअल्स, MSMEs के लिए वन टाइम रीस्ट्रक्चरिंग की मंजूरी है, ये मोहलत 30 सितंबर 2021 तक है इससे उन्हें फायदा होगा जिन्होंने अपनी रीस्ट्रक्चरिंग अबतक नहीं करवाई है, रिजर्व बैंक ने लोन मोराटोरियम की अवधि को 2 साल आगे बढ़ाने की भी मंजूरी दी है। बैंक ने कहा कि बैंक्स चाहें तो ऐसा कर सकते हैं।

हालांकि राज्यों के लिए ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी में भी राहत दी गई है। RBI ने राज्यों के ओवरड्राफ्ट को 36 दिन से बढ़ाकर 50 दिन कर दिया है। मौसम विभाग ने मॉनसून के सामान्य रहने की उम्मीद जताई है, सामान्य मॉनसून से डिमांड में बढ़त बने रहने की उम्मीद है। अप्रैल के महीने में ट्रैक्टर की मांग में तेजी रही, दालें और खाने के सामान व तेल के दामों में तेजी देखने को मिली है। अच्छे मॉनसून से महंगाई में और कमी आने की उम्मीद है, पिछले साल के मुकाबले इस साल महंगाई दर पर कम असर हुआ है।

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