Kiran More को MS Dhoni से विकेटकीपिंग कराने के लिए सौरव गांगुली को मनाने में लगे थे 10 दिन


Mayank Kumar

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान MS Dhoni  के विकेटकीपिंग के चर्चे पूरी दुनिया में मशहूर हैं। विकेट के पीछे MS Dhoni  के हाथ बिजली से भी तेज चलते हैं। पलक झपकते ही MS Dhoni  बल्लेबाजों को स्टंप आउट कर देते हैं। MS Dhoni  के इसी विकेटकीपिंग को लेकर भारतीय टीम के पूर्व मुख्‍य चयनकर्ता किरण मोरे (Kiran More) ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि एमएस MS Dhoni  से विकेटकीपिंग कराने के लिए उन्हें सौरव गांगुली को मनाने में 10 दिन लग गए। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि कैसे उन्होंने MS Dhoni  खोज की।

टीम इंडिया के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज किरण मोरे ने MS Dhoni  को लेकर कई बातों का खुलासा किया है। मोरे ने बताया कैसे उन्होंने MS Dhoni  की खोज की और किस तरह से उन्होंने सौरव गांगुली को मनाया कि वो MS Dhoni  को विकेटकीपिंग करने दें क्योंकि उस समय भारतीय टीम को ऐसे खिलाड़ी की तलाश थी जो आक्रामक बल्लेबाजी भी कर सके और राहुल द्रविड़ की जगह भी ले सके।

एक प्रोग्राम में बातचीत के दौरान पूर्व विकेटकीपर किरण मोरे (Kiran More) ने कहा, “हमें एक विकेटकीपर बल्‍लेबाज की तलाश थी। उस वक्‍त फॉर्मेट बदल रहा था। हमें एक पावर-हिटर बल्‍लेबाज चाहिए था। एक ऐसा खिलाड़ी जो छठे-सातवें नंबर पर बल्‍लेबाजी करते हुए टीम के लिए 40 से 50 रन जोड़ सके। राहुल द्रविड़ ने विकेटकीपर बल्‍लेबाज के तौर पर 75 वनडे मैच खेले थे। उन्‍होंने 2003 का विश्‍व कप भी खेला था। ऐसे में हमें एक विकेटकीपर की तलाश थी।”

किरण मोरे(Kiran More) ने आगे कहा, “मेरे एक साथी की नजर पहले MS Dhoni  (MS Dhoni) पर पड़ी। इसके बाद मैं उनके खेल को देखने के लिए गया। केवल उनके खेल को देखने के लिए मैंने फ्लाइट पकड़ी। पूरी टीम ने 170 रन बनाए थे जिसमें 130 रन MS Dhoni  के थे। उसने सभी गेंदबाजों की धुनाई की। हम चाहते थे कि फाइनल मैच में MS Dhoni  ही विकेटकीपर के तौर पर टीम में खेले।”

किरण मोरे(Kiran More) ने बताया कि "उस समय ईस्ट जोन के लिए दीपदास गुप्ता विकेटकीपर थे और वो भारत के लिए डेब्यू कर चुके थे और उनकी जगह फाइनल में MS Dhoni  को मौका देने के लिए मुझे सौरव गांगुली को मनाना पड़ा और इसमें दस दिन लग गए थे। उस समय हमारी सौरव गांगुली और दीपदास गुप्‍ता से काफी चर्चा हुई।"

किरण मोरे(Kiran More) ने आगे बताया कि "इस प्रयास के बाद MS Dhoni  ने ईस्ट जोन के लिए नार्थ जोन के खिलाफ हुए मुकाबले में विकेटकीपिंग की और बल्लेबाजी के दौरान उन्होंने नार्थ जोन के सभी गेंदबाजों के खिलाफ रन बनाए, जिसमें आशीष नेहरा भी शामिल थे। इसके बाद हमने MS Dhoni  को इंडिया ए के साथ केन्या भेजा जहां उन्होंने ट्राई सीरीज में लगभग 600 रन बनाए थे और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।"

किरण मोरे (Kiran More) ने ये भी कहा, “आपको एक लोगों के लिए मौके बनाने होंगे जो अलग लगते हैं और मैच विनर की तरह लगते हैं। MS Dhoni  एक पूरे पैकेज की तरह थे। बस ये एक मौके की बात थी जो उन्‍हें चाहिए था। ये एक जुआ खेलने की तरह है। आपको सही घोड़े पर दांव लगाना होगा। हमने सही जगह दांव लगाया। उस दिन हम खुद के लिए गेम जीत गए।”

किरण मोरे (Kiran More) ही वो शख्‍स हैं जिन्‍होंने राष्‍ट्रीय स्‍तर पर MS Dhoni  की प्रतिभा को समझा था। MS Dhoni  (MS Dhoni) को इंडिया ए की तरफ से केन्‍या दौरे पर जो मौका मिला था, उसे उन्होंने गवायां नहीं बल्कि उन्‍होंने सात मैचों में दो शतक और एक शतक की मदद से 362 रन बनाए थे।

आपको बता दें, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एमएस MS Dhoni  का करियर लगभग 15 साल रहा। इस दौरान MS Dhoni  ने भारत को तीन आईसीसी की ट्रॉफी भी दिलवाई। MS Dhoni  अपने कूल अंदाज के लिए जाने जाते हैं ठीक ऐसा ही MS Dhoni  ने अपने संन्यास को लेकर किया। किसी को उम्मीद नहीं थी कि MS Dhoni  15 अगस्त 2020 को अंतराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे। हालांकि, MS Dhoni  के फैंस के लिए खुशी की बात ये है कि फिलहाल वो आईपीएल खेलते रहेंगे।

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