फ्रॉड निकली महात्मा गांधी की परपोती, 7 साल की मिली सजा


Devendra singh yaduvanshi

महात्मा गांधी की परपोती को धोखाधड़ी और जालसाजी करने के आरोप में 7 साल की सजा सुनाई गई है। 56 वर्षीय आशीष लता रामगोबिन पर आरोप है कि उसने 60 लाख से अधिक रूपये की धोखाधड़ी की है।  धोखाधड़ी के मामले में दक्षिण अफ्रीका की डरवन कोर्ट ने इस मामले में महात्मा गांधी की परपोती को 7 साल की सजा सुनाई है।

बता दें कि लता रामगोबिन मशहूर एक्टिविस्ट इला गांधी और दिवंगत मेवा रामगोबिंद की बेटी हैं। लता रामगोबिन ने बिजनेसमैन एसआर महाराज के साथ फ्रॉड किया है। आशीष लता रामगोबिन पर आरोप है कि एस आर महाराज ने उन्हें भारत में मौजूद एक कंसाइनमेंट के लिए आयात और सीमा शुल्क के तौर पर लगभग 62 लाख रूपए एडवांस में दिए थे।

आपको बता दें कि एसआर महाराज की कंपनी अन्य कंपनियों को प्रॉफिट शेयर के आधार पर फाइनेंस प्रदान करती है। लता ने महाराज को बताया था कि उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी अस्पताल ग्रुप टकेयर के लिए लिनेन के तीन कंटेनर भारत से आयात किए हैं।

महात्मा गांधी की परपोती पहले भी धोखाधड़ी कर चुकी है और उसे धोखाधड़ी के आरोप में कई बार जुर्माना भी देना पड़ा है।

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