चार दिन की सिर्फ चांदनी ही होती है, टेस्ट क्रिकेट नहीं : वीरेंद्र सहवाग


Mayank Kumar

भारतीय टीम के पूर्व विस्फोटक खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि टेस्ट मैच पांच दिन की होनी चाहिए, चार दिन की नहीं। भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग, बीसीसीआई अवॉर्ड्स के दौरान 7वें मंसूर अली खान पटौदी लेक्चर के कार्यक्रम में मौजूद थे और वहां उन्होंने इस बात का समर्थन किया। 

इस कार्यक्रम के दौरान सहवाग ने कहा, '' मैंने हमेशा बदलाव का समर्थन किया है।  मैंने टीम इंडिया की पहले टी20 गेम में कप्तानी की है और मैं इससे काफी गर्व महसूस करता हूं। मैं साल 2007 वाली विजेता टीम का भी हिस्सा था लेकिन 5 दिन का टेस्ट मैच एक रोमांस है।  जर्सी के पीछे नाम या पिंक गेंद टेस्ट मैच जैसे बदलाव ठीक हैं लेकिन डायपर और पांच दिन टेस्ट मैच को तभी बदलना चाहिए जब तक वो खत्म ना हो जाए। पांच दिनों वाला टेस्ट मैच अभी खत्म नहीं हुआ है। टेस्ट क्रिकेट 143 साल पुराना एक हट्टा- कट्टा आदमी है जिसकी आत्मा है।  चार दिन की सिर्फ चांदनी ही होती है, टेस्ट क्रिकेट नहीं। वीरेंद्र सहवाग ने आगे कहा कि अगर टेस्ट क्रिकेट में बदलाव लाया गया तो ये एक फर्स्ट क्लास मैच बन जाएगा। 

आपको बता दें,  क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने 4 दिनों के टेस्ट मैच का समर्थन किया है तो वहीं बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने इसपर फ़िलहाल अपनी प्रतिक्रिया देने से मना किया है। 

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