ट्रैफिक चालान से बचने का नायाब तरीका


Purti Agnihotri

देश में 9 सितंबर 2019 से जब से नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू हुआ है तब से अगर वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टीफिकेट (आरसी), ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस सर्टीफिकेट, परमिट सर्टिफिकेट और पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट आप नहीं दिखाते हो तो आप पर लंबा चालान काट दिया जाएगा। लेकिन अगर आप अपने जरूरी कागजात लाना भूल जाते हैं, तो सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स के मुताबिक इसे जुर्म नहीं माना जाएगा और आपका चालान नहीं कटेगा।

सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट विनय कुमार गर्ग और एडवोकेट रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स के नियम 139 के तहत सभी वाहन चालक को अपने दस्तावेजों को पेश करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा और ट्रैफिक पुलिस तत्काल उसका चालान नहीं काट सकती है। मतलब अगर चालक 15 दिन के अंदर इन दस्तावेजों को दिखाने का दावा करता है, तो ट्रैफिक पुलिस या आरटीओ अधिकारी वाहन का चालान नहीं काटेंगे। इसके बाद चालक को 15 दिन के अंदर इन दस्तावेजों को संबंधित ट्रैफिक पुलिस या अधिकारी को दिखाना होगा।

एडवोकेट रोहित श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट 2019 की धारा 158 के तहत एक्सीडेंट होने या किसी विशेष मामलों में इन दस्तावेजों को दिखाने का समय 7 दिन का होता है. इसके अलावा ट्रैफिक कानून के जानकार लॉ प्रोफेसर डॉ राजेश दुबे का कहना है कि अगर ट्रैफिक पुलिस आरसी, डीएल, इंश्योरेंस सर्टीफिकेट, पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस और परमिट सर्टिफिकेट तत्काल नहीं दिखाने पर चालान काटती है, तो चालक के पास कोर्ट में इसको खारिज कराने का विकल्प रहता है।

सीनियर एडवोकेट के मुताबिक अगर ट्रैफिक पुलिस गैर कानूनी तरीके से किसी का चालान काटती है, तो ज़रूरी नहीं कि चालक को चालान भरना ही पड़े। कोर्ट ने ट्रैफिक पुलिस को चालान काटने का कोई आदेश नहीं दिये हैं और अगर कोई ऐसा करता है तो अपील की जा सकती है। चालक के पास सभी दस्तावेज हैं और वो कोर्ट में दस्तावेजों को पेश करता है। चालक को अगर 15 दिन का समय नहीं दिया जाता तो उसका जुर्माना माफ कर दिया जाएगा।

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