तुर्की ने फिर उठाया कश्मीर मसला, एफएटीएफ को लेकर भी कही बड़ी बात


KULDEEP KUMAR

भारत ने तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब इरदुगान की आलोचना करते हुए कहा कि तुर्की भारत के आतंरिक मामलों में दखलंदाज़ी ना करे। रजब तैयब इरदुगान ने पाकिस्तानी संसद में संबोधन करते वक़्त कश्मीर पर टिप्पणी की, उन्होंने कश्मीरियों के संघर्ष की तुलना प्रथम विश्व युद्ध के दौरान विदेशी शासन के खिलाफ तुर्कों की लड़ाई से की.'

कश्मीर पर टिप्पणी करने एक बाद भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि भारत, तुर्की के राष्ट्रपति द्वारा जम्मू-कश्मीर पर दिए गए सभी सन्दर्भों को ख़ारिज करता है। कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है जो भारत से कभी अलग नहीं हो सकता। 

प्रवक्ता ने आगे कहा कि हम तुर्क नेतृत्व से अनुरोध करते हैं कि वह भारत के आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप ना करे और भारत तथा क्षेत्र के लिए पाकिस्तान से उत्पन्न आतंकवाद के गंभीर खतरे सहित अन्य तथ्यों की उचित समझ विकसित करे.'

बता दें कि तुर्की के राष्ट्पति दो दिवसीय यात्रा पर पाकिस्तान पहुंचे हैं और उन्होंने शुक्रवार को संसद में कश्मीर मुद्दा उठाया था। इरदुगान ने कहा कि कश्मीर मामले पर तुर्की पाकिस्तान के रूख का समर्थन करेगा क्योंकि यह विषय दोनों देशों से जुड़ा हुआ है। साथ ही संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए  इरदुगान ने कहा कि तुर्की एफएटीएफ(FATF) की ग्रे सूची से बाहर होने के पाकिस्तान के प्रयासों का समर्थन करेगा।

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