बाजार में कैश की कमी होने पर गवर्नर शक्तिकांत ने उठाए ये कदम


भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को कहा कि कर्ज देने के लिए बैंकों की नकद धन की आवश्यकताओं को पूरा किया जा चुका है। गवर्नर दास ने राजधानी में सोमवार को छोटे एवं मध्यम उपक्रमों के संघों के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि मंगलवार को मुंबई में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के साथ उनकी  हालत पर बातचीत की जाएगी। दास ने तरलता पर कहा, “हम लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं। हमारा मानना है कि कुल मिला कर तरलता की जरूरतें पूरी हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि तरलता की दिक्कतें हुई तो रिजर्व बैंक कदम उठाएगा।” संसद की एक सभा ने भारतीय रिजर्व बैंक से एटीएम से जुड़ी परेशानियों को दूर करने को कहा था। जिसमें एटीएम बंद होने से कई बार ग्राहकों के पास नकद धन का संकट खड़ा हो सकता है, ऐसे में केंद्रीय बैंक को इस दिशा में उचित कदम उठाने चाहिए। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार सितंबर, 2018 के अंत तक देश के एटीएम की संख्या 2,21,492 थी । इनमें से 1,43,844 एटीएम सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के, 59,645 निजी क्षेत्र के बैंकों और 18,003 एटीएम विदेशी बैंकों के एटीएम थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल लेनदेन अभी तक व्यापक  नहीं हुआ है, ऐसे में समिति चाहती है कि रिजर्व बैंक एटीएम के बंद होने तक बैंकों के एटीएम में कमी की समस्या को दूर करने के लिए तेजी से काम किया जाए।

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