प्यार में धोखे के बाद SSP के ड्राइवर ने किया महिला कांस्टेबल का मर्डर


Jasmine Siddiqui

झारखण्ड से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां झारखण्ड के जमशेदपुर में एक ही घर के तीन लोगों की लाश मिली। ये लाशे एक महिला पुलिस कांस्टेबल उसकी माँ और बेटी की थी। जिसके बाद पुलिस वाले फौरन इस घटना की जांच पड़ताल में लग गए और लगते भी क्यों नही, क्योंकि यह लाश किसी आम इंसान की नही, बल्कि एक महिला पुलिस वाली और उसके परिजनों की थी। मगर जब अपराधी का चेहरा सामने आया तो सिर्फ पुलिस वाले ही नही बल्कि खुद पुलिस के कप्तान भी दंग रह गए।

बता दें कि, जमशेदपुर के पुलिस लाइन में रहने वाले एक ही परिवार के तीन लोग पिछले दो तीन दिनों से गायब थे। हालांकि उनके घर में ताला लगा था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि, बंद घर से तेज बदबू आ रही थी। जिसके बाद इसकी जानकारी पड़ोसियो ने पुलिस वालों को दी। आनन-फानन में पुलिस वाले मौके पर पहुँचते है और फ्लैट का ताला तोड़ते है। उसके बाद फ्लैट के अंदर का दृश्य डराने वाला था जहां तीन लाशे पड़ी थी। पुलिस कांस्टेबल सविता हेंब्रम, उसकी माँ लकिया मुर्मू और 13 साल की बेटी गीता हेंब्रम की।

जब पुलिस ने इसकी छानबीन शुरु की, तो कई नए चौंकाने वाले खुलासे हुए, जिसमें पता चला कि, सविता जमशेदपुर के SSP प्रभात कुमार के ड्राइवर रामचंद्र सिंह जामुदा से प्यार करती थी। रामचंद्र पहले से ही शादीशुदा था फिर भी इन दोनों के बीच बहुत अच्छे रिश्ते थे। कई बार तो रामचंद्र रात में सविता के फ्लैट में ही रुक जाता था।

लेकिन हैरानी तब हुई, जब रामचंद्र सविता के मौत से बेखबर ड्यूटी कर रहा था। जिसके बाद पुलिस का शक गहराया और फिर रामचंद्र सिंह जामुदा को हिरासत में ले लिया गया और पूछताछ शुरु कर दी। जिसमें पता चला कि, सविता सुंदर टुडू नाम के लड़के के साथ बातचीत करने लगी थी और रामचंद्र से कटी- कटी सी रहने लगी थी। जिसके बाद रामचंद्र ने सुंदर की हत्या करने की ठान ली। 19 जुलाई की रात सुंदर सविता के घर आने वाला था। जिसकी खबर जामुदा को पहले ही हो गई  थी और वह सुंदर की हत्या करने उससे पहले ही वहाँ पहुँच गया।

लेकिन, उस रात सुंदर किसी कारण वश वहाँ पहुँचा ही नही। वही सुंदर को लेकर के सविता और रामचंद्र में खूब लड़ाई हुई। जिसके बाद रामचंद्र ने गाड़ी की गियर लिवर से सविता उसकी माँ और बेटी तीनों की हत्या कर दी। हालांकि पुलिस ने अब उसे गिरफ्तार कर लिया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

वही बताया जा रहा है कि, सविता के पति की 14 साल पहले नक्सली हमले में मौत हो गई थी। जिस वजह से सविता को पुलिस कांस्टेबल की नौकरी मिली थी। इन दिनों सविता जमशेदपुर के SSP के ऑफिस में तैनात थी। जहाँ वह अपनी बुर्जुग माँ और बेटी के साथ रहती थी।

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