कानपुर हत्याकांड : हिस्ट्रीशीटर अपने ही करतूतों की बनता था फाइल, तफ्तीश में हुए बड़े खुलासे


Purti Agnihotri

कानपुर हत्याकांड में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और उसके साथियों द्वारा आठ पुलिसकर्मियों की निर्मम ह्त्या कर देने के बाद से पूरा शहर स्तब्ध है। हत्याकांड वाले दिन से ही विकास दुबे शहर से फरार है। प्रशासन लगातार अपराधी को ढूंढने में लगा हुआ है। मोस्ट वांटेड क्रिमिनल को ढूंढ निकालने के लिए प्रशासन ने ईनाम की कीमत 50,000 से बढाकर 2,50,000 लाख कर दी है। 

प्रसाशन द्वारा अपराधी विकास दुबे के शिवली स्थित घर को बुलडोजर चलकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।  पुलिस लगातार तफ्तीश में लगी हुई है और साथ ही विकास दुबे से जुड़े हर व्यक्ति से पूछताछ कर रही है जिसमें शहर के कई व्यापारी और राजनितिक नेताओं को भी रिमांड में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस सब के बीच पुलिस के सर्च ऑपरेशन में यह खुलासा हुआ है कि क्रिमिनल विकास दुबे को हमेशा से इस बात का बहुत शौक था कि वो सुर्ख़ियों में बना रहे और यही वजह थी की किसी भी अपराध के बाद जब उसकी करतूतों की खबर अखबारों में छपती थी तो वो बहुत ख़ुशी के साथ अपने साथियों को खुद ही पढ़ कर सुनाता था। 

बता दें कि विकास दुबे के घर पर एक पूरी फाइल मिली है जिसमें वो अपने किये हुए अपराधों के चिट्ठों की पेपर कटिंग इकठ्ठा करके रखता था। उसे बहुत शौक था कि उसके  द्वारा किये गये अपराध अखबारों में छपें, जिन्हें वह अपनी शान मानता था। कहा जा रहाहै कि उसने खुद अपने करतूतों की फाइल तैयार करके रख ली थी।  गौरतलब है कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने बीते हफ्ते अपने साथियों के साथ मिलकर 8 पुलिसकर्मियों की बहुत ही क्रूरता से ह्त्या की थी, जिसके बाद से वह फरार है। लगातार एक हफ्ते से दर्जनों पुलिस उसे ढूंढने में लगी हुई है। विकास दुबे की खूंखार अपराधी बताया जा रहा है, विकास कई बार अपराध कर पुलिस की करवाई में आ चुका है, उसके ऊपर करीब 60 मुक़दमे दर्ज हैं और अब एक बार फिर विकास दुबे ऐसे जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद से सुर्ख़ियों में बना हुआ है।  

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