ईरान हिजाब विरोध: ईरानी फोर्स लोगों के घरों पर गोलिया चला रही, प्रदर्शन कर रही महिलाओं की हत्या


Kanak Mathur

ईरान में महिलाओं का प्रदर्शन लगातार जारी है। हिजाब के विरोध और धार्मिक कानून के खिलाफ इस प्रदर्शन को करीब अब 10 दिन पूरे हो चुके है। महिलाएं  सड़को पर आ कर बस एक ही नारा लगा रही है “जीन जां आज़ादी” जिसका तात्पर्य है ‘ औरत, ज़िंदगी और आज़ादी’। इसकी शुरुआत तब हुई जब 22 साल की महजा अमीनी को सिर ठीक से न ढ़कने की वजह से कस्टडी में लिया गया।

आपको बता दें कि, प्रदर्शन को रोकने के लिए ईरान सरकार जी तोड़ कोशिश कर रही है। सरकार के निशाने पर महिलाएं ही हैं। वही प्रदर्शन का चेहरा बन रही महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा रहा है। इस प्रदर्शन में अब तक 50 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी हैं। कुर्दीस्तान में ही 15 लोग मारे गए और करीब 750 लोग घायल हैं।

इसके साथ ही, जो भी महिलाएं हिजाब का विरोध कर रही है, ईरान सरकार उनकी हत्या कर रही हैं। यही नही बल्कि ईरान सरकार लोगों के घरों पर भी गोली चला रही हैं। ईरान से एक वीडियों सामने आई है जिसमें, ईरान फोर्स घरों में घूस कर हमले कर रही है और दरवाज़ो से भी गोलियां चला रही है। ईरान की मानवाधिकारी कार्यकर्ताओं ने 4 महिलाओं के हत्या की पुष्टि की है। जिनका नाम हदीस नज़फी, गजाला चेलावी, हनाना किया और मेहाशा मोगोई है। इन चारो लड़कियों को भी गोली मारी गई हैं। जिसके बाद ईरान में इंटरनेट सेवा बिल्कुल बंद हो गई हैं।

वही राजधानी तेहरान के प्रमुख चौराहे पर महिलाएं निकल आई वो भी बिना हिजाब के। इस प्रदर्शन में पुरुषों ने भी महिलाओं का साथ दिया। इस प्रदर्शन का असर देश के 31 प्रांतो में हो रहा हैं। महिलाओं ने हिजाब तो उतारे ही इसके साथ ही उन्होंने अपने बाल भी काट दिए। इस प्रदर्शन को देखते हुए ईरान के राष्ट्रपति  इब्राहिम रईसी ने यह साफ कह दिया है कि, प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निप्टा जाए। इसके बाद ईरान की सेना ने भी कहा है कि, वह प्रदर्शनकारियों को कुचलने की लिए पुरी तरह से तैयार हैं।

ईरान के मानवाधिकारी कार्यकर्ताओं का कहना है, सुरक्षाबल उन लोगों पर बहुत ज़्यादा जुल्म कर रही है। सेना प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चला रही है। यहीं नही पुलिस के जवान बंद घरों पर भी गोलियां चला रहे हैं। पश्चिमी देशों और अमेरिका की पाबंदियों के कारण ईरान की आर्थिक स्थिती खराब हो गई है। हालात काफी ज़्यादा बुरे हो गए हैं। देश में 50%  ज़्यादा महंगाई बढ़ चुकी है। ईरान में ढ़ाई करोड़ के करीब लोग गरीबी रेखा के नीचे हैं।

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