Blood Donate करने से शरीर को होता है नुकसान!, जानिए इसकी सच्चाई


Mayank Kumar

खूनदान यानी रक्तदान (Blood Donate ) जो किसी की ज़िन्दगी बचा सकता है। रक्तदान (Blood Donate )  करना एक बेहतरीन कार्य है जो किसी को जीवन दे सकता है।  अब भारत में रक्तदान (Blood Donate )  कम होता है तो आपातकालीन स्थिति में जरूरतमंद लोगों को रक्त नहीं मिल पाता है और सबसे अहम बात यह है कि लोग रक्तदान (Blood Donate )  करने में डरते भी हैं, क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि इससे उन्हें कमजोरी हो जाएगी। हमारे विचार से भारत में अधिक से अधिक रक्तदान (Blood Donate )  शिविर लगाने और लोगों को जागरुक करने की जरूरत है जिससे स्वस्थ लोग बढ़-चढ़कर रक्तदान करें।

आमतौर पर लोगों के दिमाग में रक्तदान को लेकर गलत धारणा होती है कि रक्तदान (Blood Donate ) से शरीर में बीमारी आती है।  इससे शरीर कमज़ोर हो जाता है या फिर इससे एचआईवी होने का खतरा बना रहता है। आपको बता दें कि यह सारी बातें एक तरह से ढकोसला हैं। ऐसा कुछ नहीं होता है। रक्तदान (Blood Donate )  से शरीर को नुकसान नहीं बल्कि कई फायदे होते हैं। रक्तदान (Blood Donate )  करने से ना सिर्फ शरीर को लाभ होता है बल्कि मानसिक संतुष्टि भी मिलती है।  आपके इस एक कदम से किसी की जान बच सकती है।  

तो चलिए जानते हैं कि रक्तदान (Blood Donate ) करने से क्या फायदे होते हैं।  

रक्तदान करने के फायदे:-

पहला, रक्तदान (Blood Donate ) से हार्ट अटैक कि संभावनाएं कम होती हैं क्योंकि रक्तदान (Blood Donate) से खून का थक्का नहीं जमता है।  इससे खून कुछ मात्रा में पतला हो जाता है और हार्ट अटैक का खतरा टल जाता है।  

दूसरा, खून का दान (Blood Donate) करने से वजन कम करने में मदद मिलती है, इसीलिए हर साल कम से कम 2 बार रक्तदान करना चाहिए।

तीसरा, रक्तदान (Blood Donate) से शरीर में एनर्जी आती है, क्योंकि दान के बाद नए ब्लड सेल्स बनते हैं, जिससे शरीर में तंदरूस्ती आती है।

चौथा, खून डोनेट (Blood Donate) करने से लिवर से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलती है। शरीर में ज़्यादा आयरन की मात्रा लिवर पर दवाब डालती है और रक्तदान से आयरन की मात्रा बैलेंस हो जाती है।  

पांचवां, रक्तदान (Blood Donate) से आयरन की मात्रा को बैलेंस करने से लिवर हेल्दी बनता है और कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है।  

छठा, डेढ़ पाव खून का दान (Blood Donate )  करने से आपके शरीर से 650 कैलोरीज़ कम होती है।  

अब जानते हैं कि रक्तदान करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।  

पहला, रक्तदान (Blood Donate )  18 साल की उम्र के बाद ही करें।

दूसरा, रक्तदाता का वज़न 45 से 50 किलोग्राम से कम ना हो।

तीसरा, खून देने से 24 घंटे पहले से ही शराब, धूम्रपान और तम्बाकू का सेवन ना करें।

चौथा, खुद की मेडिकल जांच के बाद ही रक्तदान (Blood Donate) करें और डॉक्टर को सुनिश्चित करें कि आपको कोई बीमारी ना हो।  

पांचवां, खून के दान (Blood Donate) करने से पहले अच्छी नींद लें।  तला खाना और आइसक्रीम अवॉइड करें। 

छठा, शरीर में आयरन की मात्रा भरपूर रखें। इसके लिए दान से पहले खाने में मछली, बीन्स, पालक, किशमिश या फिर कोई भी आयरन से भरपूर चीज़ें खाएं।

अब जो जानकारी हम आपको बताने जा रहे हैं वो उनलोगों के लिए हैं, जिन्हें लगता है कि रक्तदान (Blood Donate) करने से नुकसान होता है।  अब इसे नुकसान तो नहीं कह सकते हैं लेकिन हाँ इसके कुछ हल्के साइड इफेक्ट जरूर हो सकते हैं।  निर्भर करता है कि आपका शरीर कैसा है और आपका दिमाग कितना मजबूत है। यहाँ मजबूत का अर्थ कॉन्फिडेंस से है।  चलिए उस साइड इफ़ेक्ट के बारे में भी बात कर लेते हैं।  

कुछ लोगों को रक्तदान (Blood Donate) करने के बाद कुछ खास हल्की प्रतिक्रियाएं महसूस हो सकती हैं। जैसे- पसीना आना, ठंड महसूस होना, चक्कर आना, जी मिचलाना या उत्तेजना पैदा होना। इसके साथ ही कुछ लोगों को उल्टियां भी हो सकती हैं। हालांकि, कुछ पल के लिए यह होता है लेकिन बाद में आप ठीक हो जाते हैं। ऐसे में आपको इसे रक्तदान (Blood Donate )  करने के नुकसान के तौर पर बिल्कुल नहीं लेना चाहिए।  

आपको बता दें, भारत में हर रोज बहुत सारी दुर्घटनाएं और सर्जरी होती हैं और ये वो स्थितियां होती हैं, जिसमें खून की जरूरत सबसे ज्यादा पड़ती है। हमें हर रोज 38,000 से भी अधिक रक्तदान (Blood Donate) की जरूरत होती है, लेकिन वास्तविकता में, भारत में 12 लाख यूनिट से भी अधिक रक्त की कमी यह साबित करती है कि कैसे यहां लोग रक्तदान (Blood Donate) से बचते हैं। हमारा आपसे यही अनुरोध है कि आप अगर एक स्वस्थ व्यक्ति हैं तो रक्तदान (Blood Donate)जरूर करें, जिससे किसी की ज़िन्दगी बच सके।  

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