डिकोड हुआ आतंकवादियों का कोड ऑपरेशन ग्रीन बर्ड !


Vipul Chandan

भारत बहुत समय से आतंकवाद का शिकार होता रहा है। भारत के कश्मीर, नागालैंड, असम और कई राज्य विशेष रूप से आतंक से प्रभावित रहे हैं। आतंकवाद ने भारत की आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक आदि परिस्थितियों को प्रभावित किया है। लेकिन अब दुनिया के सबसे बदनाम आतंकवादी संगठन आईएसआईएस की नजर भारत पर पड़ी है और आज एक ऐसे षडयंत्र का खुलासा हुआ है, जो अगर कामयाब हो जाता तो हिंदुस्तान में बड़ी तबाही मच सकती थी। सैंकड़ो लोग खून-खराबे की भेंट चढ़ जाते। मगर, 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले देश की सुरक्षा एजेंसियों ने इस आतंकवादी षडयंत्र को बेनक़ाब कर दुश्मनों की चाल को समझ लिया और बेगुनाह लोगों की जान बचा ली।

क्या था षडयंत्र? कैसे हुआ खुलासा? ऑपरेशन ग्रीन बर्ड।

आईएसआईएस ने नया षडयंत्र रचा था। जिसका खुलासा टेलीग्राम एप पर बने ग्रुप से हुआ है।

षडयंत्र नंबर 1-  बंगाली 138 

षडयंत्र नंबर 2-  इस्लामी हिंद

षडयंत्र नंबर 3-  फ्लेम्स ऑफ वॉर

षडयंत्र नंबर 4- अल-मुतरजिम फ़ाउंडेशन

षडयंत्र नंबर 5- ग्रीन बर्ड्स

इन षडयंत्रों के मायने क्या हैं और षडयंत्रों के इन पन्नों में आख़िर वो कौन सी बातें लिखी हैं, जिसने सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया?

लेकिन क्या है आईएसआईएस का ऑपरेशन ग्रीन बर्ड?

सबसे पहले आइए जानते है षडयंत्र के टेलीग्राम मैसेज के बारे में ,आतंकवादियों की हर हरकत पर निगाह रखने और उनका पीछा करनेवाली देश की सुरक्षा एजेंसियों की निगाह अचानक इसी साल 29 अप्रैल को आईएसआईएस के एक ऐसे टेलीग्राम ग्रुप पर पड़ी, जिसे आईएसआईएस ने बड़े खुफ़िया तरीक़े से बनाया था।

लेकिन जब आतंकवादियों ने  ग्रुप में पहली बार लाल किले की एक आपत्तिजनक तस्वीर पेश की, तो सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए। इस तस्वीर में आतंकियों ने जल्द ही लाल किले पर हमला करने की बात कही थी और जल्द ही हिंदुस्तान को भी इस्लाम की हुकूमत यानी खिलाफ़त का हिस्सा बना लिया जाएगा। इन ग्रुप्स में आतंकवादी कोड लैंग्वेज का इस्तेमाल कर अपनी बात को रख रहे थे, ताकि षडयंत्र की बात किसी को पता न चले।

जब डिकोड हुआ आतंकवादियों का कोड!

हिंदुस्तानी एजेंसियों ने ऑपरेशन ग्रीन बर्ड का कोड डिकोड कर लिया। उनके कोड के मुताबिक ग्रीन का मतलब भारत के तीन शहर दिल्ली, भोपाल और त्रिवेंद्रम से था। बर्ड्स B1RDS लिखा था जिसमें आई की जगह वन लिखा था। इसमें बी-1 मतलब था रेल का कोच नंबर बी-1. आर का मतलब था राजधानी एक्सप्रेस। डीएस का मतलब था दिल्ली साउथ।

आईएसआईएस के इस कोड से देखें तो आतंकवादी पंद्रह अगस्त से दो दिन पहले 13 अगस्त को साउथ दिल्ली के किसी स्टेशन से गुज़रने वाली किसी ट्रेन या फिर राजधानी एक्सप्रेस के बी-1 कोच में आईईडी के ज़रिए ब्लास्ट करने वाले थे। लेकिन  सुरक्षा एजेंसियों ने ना सिर्फ़ उनका राज़फाश कर दिया, बल्कि सैकड़ों बेगुनाहों को बेमौत मारे जाने से बचा लिया।

 

 

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