माँ को याद कर भावुक हुए बॉलीवुड के महानायक


Kanak Mathur

बॉलीवुड के महानायक यानी की अमिताभ बच्चन जितना अपनी एक्टिंग के लिए जाने जाते है उतना ही उनके पिता श्री हरिवंश राय बच्चन अपनी कविताओं के लिए चर्चित थे। हरिवंश राय की कविताएं दुनियाभर में मशहूर है और कहीं न कहीं उनके पिता की यह खूबी अमिताभ बच्चन में भी देखी गई है। अक्सर अमिताभ अपने इंस्टाग्राम या फिर ट्विटर अकाउंट पर अपनी फीलिंग कविताओं के ज़रिए बताते नज़र आते है।

हाल ही में अमिताभ ने अपनी माँ को याद कर ट्विटर पर एक फोटो शेयर की जिसमें उन्होंने अपनी माँ और आँख में हुई परेशानी को कविता के ज़रिए जाहिर किया। उन्होंने लिखा कि "अचानक से मेरी बाई आँख फड़कने लगी तो सुना थी कि अशुभ होता है, लेकिन जब डॉक्टर को दिखाने गया तो निकला आँख के अंदर ये काला धब्बा, डॉक्टर ने कहा सब ठीक है बस उम्र की वजह से आँख का हिस्सा घिस गया है। इसके लिए किसी दवाई की जरुरत नही है, बस एक कपड़े को फूंक मारकर आँख पर लगाओ जैसे बचपन में माँ अपने पल्लू को गोल बनाकर आँख में लगाती थी ठीक वैसे ही करना है।

अमिताभ ने अपनी मां को याद कर लिखा कि “मां का पल्लू तो  मां का पल्लू होता है उसकी जगह कोई नही ले सकता , मां तो हैं नहीं अब लेकिन बिजली से रुमाल को गरम करके लगा लिया। पर बात कुछ बनी नहीं। उनके इस पोस्ट पर सोशल मीडिया के यूजर्स काफी प्रभावित हुए और एक यूजर ने लिखा है, "मां भगवान होती है। मां संसार होती है। मां घर है। घर में मां नहीं तो घर बेघर सा लगता है। मैं अपनी मां को यही बात नहीं बोल पाता। लेकिन मां अगर साथ न रही तो मैं बेटा किसका कहा जाऊंगा।" 

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