Panama Paper Leak में भारत रत्न Sachin Tendulkar का नाम आने से मचा हड़कंप, जानिए क्या है मामला


Mayank Kumar

सोमवार की सुबह क्रिकेट फैंस को तगड़ा झटका उस समय लगा जब क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का नाम पनामा पेपर्स (Panama Papers) लीक में आया। भारत रत्न से सम्मानित सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का नाम आने से सुर्खियों में आने से हड़कंप मचा हुआ है। इसमें सिर्फ सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का नाम ही समाने नहीं आया है बल्कि भारत समेत 91 देशों के वर्तमान एवं पूर्व नेताओं, अफसरों और मशहूर हस्तियों के वित्तीय रहस्यों का भी खुलासा हुआ है। 

सचिन को किया जा रहा है बदनाम

इन सब नामों में सबसे हैरान करने वाला नाम सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का है। सचिन (Sachin Tendulkar) का नाम सामने आते ही उनके वकील ने यह साफ़ कर दिया कि इसमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। उनका नाम बिना बात के बदनाम किया जा रहा है। पूरी दुनिया इस बात को जानती है कि सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) एक साफ़ छवि और ईमानदार क्रिकेटर रहे हैं। ना तो वो मैदान के अंदर कभी किसी विवाद में पड़े और ना ही वो कभी मैदान के बहार किसी विवाद में पड़े। हालांकि, खेल के दौरान थोड़ी बहुत नोक झोक तो होते ही रहती है लेकिन इसके बावजूद भी सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) को हमेशा विवादों से दूर रहना ही पसंद था। शांत स्वाभाव के सचिन (Sachin Tendulkar) अक्सर किसी विवादित मुद्दे पर आम तौर पर बयान देने से भी बचते हैं।

कर अधिकारियों के पास पूरी जानकारी

रविवार को इंटरनेशनल कंसोर्टियम आफ इंवेस्टीगेटिव जर्नलिस्ट्स (आइसीआइजे) ने इस बात का दावा किया कि सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) की विदेश में संपत्तियां हैं। लेकिन इस दावे को उनके वकील ने सिरे से खारिज कर दिया। इसके साथ ही उनके वकील ने यह भी कहा कि सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के सारे निवेश वैध हैं और कर अधिकारियों के पास इसकी जानकारी है।

सचिन का नाम क्यों आया ?

दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो नीरव मोदी जिसने पंजाब नैशनल बैंक से हजारों करोड़ का घोटाला किया था, उसकी बहन ने  उसके भागने के एक महीने पहले ही एक ट्रस्ट बनाया था। रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ कि पनामा पेपर लीक के बाद भारतीयों ने अपनी संपत्ति को 'रीऑर्गनाइज' करना शुरू कर दिया था जिसमें यह बात निकलकर सामने आई है कि सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने भी लीक के तीन महीने बाद ही ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में अपनी संपत्ति बेचने की तैयारी शुरू कर दी थी। 

कौन-कौन है इसमें शामिल ?

रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि इसमें 300 से ज्यादा भारतीय नामों में से 60 के बारे में सबूत जुटाए गए और जांच की गई। कई लोगों के खिलाफ तो पहले से जाँच चल रही है जिसमें कुछ पूर्व सांसदों का नाम भी शामिल है। हैरानी की बात तो यह है कि इसमें पूर्व रेवेन्यू सर्विस ऑफिसर, पूर्व टैक्स कमिश्नर, पूर्व सैन्य अधिकारी तक शामिल हैं।

भारत के आलावा और कौन ?

बता दें कि इसमें भारत नहीं बल्कि दुनिया भर के नामचीन हस्तियों का नाम भी शामिल है।  इनमें जॉर्डन के राजा, यूक्रेन, केन्या और ईक्वाडोर के राष्ट्रपति, चेक रिपब्लिक के प्रधानमंत्री और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोने ब्लेयर भी शामिल हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 'प्रॉपगैंडा के अनाधिकारिक मंत्री' और भारत, रूस, अमेरिका, मेक्सिको समेत कई देशों के 130 अरबपतियों के नाम भी रिपोर्ट में सामने आए हैं। वहीं, पाकिस्तान के PM इमरान खान के मंत्रियों से लेकर करीबियों तक के नाम भी इसमें शामिल हैं।

पनामा पेपर में क्या सामने आया था ?

साल 2016 में टैक्स चोरी की बात जब निकलकर सामने आई थी तब यह बात समाने आई थी कि विदेशों में मुखौटा कंपनियों (Shell companies) के जरिए इसे अंजाम दिया जाता है। पिछले जाँच में यह बात समाने आई थी कि कैसे संपत्ति, कंपनियों, मुनाफे और टैक्स चोरी को छिपाया गया था और इसमें सरकारी अधिकारियों और रसूखदारों के साथ-साथ राष्ट्राध्यक्ष तक शामिल थे। पनामा पेपर (Panama Papers)  लीक में खेल से लेकर कलाजगत तक की हस्तियों का नाम भी इसमें सामने आया था। 

क्या होता है पनामा पेपर लीक ?

अंतरराष्ट्रीय रूप से किया गया भ्रष्टाचार पनामा पेपर (Panama Papers)  कहलाता है जिसका खुलासा लगभग 11.5 मिलियन डॉक्यूमेंट फाइल के लीक होने से हुआ था। इसका सम्बन्ध अपतटीय मोस्सक फोंसेका फर्म से है जिसने कई देशों के लोगों को टैक्स बचाने में ग़ैर कानूनी रूप से मदद की थी जिसका सीधा ताल्लुकात मनी लौन्ड्रिंग से है।  यही कारण है कि जब इसमें पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का नाम समाने आया था तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

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