नागरिकता कानून पर बयान के बाद मलेशिया ने उठाया बड़ा कदम, कहा- नौबत आई


KULDEEP KUMAR

मलेशिया द्वारा भारत के आंतरिक मामले में दखल की कोशिश करना उसको महंगा साबित हुआ। जिसके चलते मलेशिया अब भारत की नाराजगी दूर करने में लगा हुआ है और भारतीयों के लिए नए-नए ऐलान कर रहा है। 

दरअसल, नागरिकता कानून, एनआरसी और कश्मीर समेत भारत के तमाम आंतरिक मसलों पर मलेशिया ने टिप्पणी की और दखल की कोशिश की जिसकी वजह से मलेशिया ने भारत की नाराजगी मोल ले ली। भारत की नाराजगी दूर करने के लिए मलेशिया ने रविवार को बड़ा ऐलान करते हुए भारतीयों को मुफ्त वीजा एंट्री देने की घोषणा की है यानी अगले साल से मलेशिया में घूमने के लिए भारतीय पर्यटकों को वीजा की जरूरत नहीं होगी। भारत के अलावा चीन के पर्यटकों को भी यह छूट दी गई है। 

2020 में भारतीय 15 दिनों तक मलेशिया में बिना वीजा के रह सकते हैं। अब भारतीयों को मलेशिया में घूमने के लिए सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक ट्रेवल रजिस्ट्रेशन एंड इंफ़ोर्मेशन सिस्टम का इस्तेमाल करना पड़ेगा। हालाँकि, भारतीय पर्यटकों को मलेशिया में ऑथराइज्ड एयरपोर्ट या एंट्री प्वॉइंट्स से ही एंट्री और एग्जिट करना होगा। 

गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से मलेशिया की तरफ से भारत के अंदरूनी मसलों पर बयान दिए जा रहे हैं जिसके चलते भारत ने मलेशिया के उच्चायुक्त को समन किया था और नाराजगी जाहिर की थी। मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने नागरिकता कानून पर अफ़सोस जताते हुए कहा कि यह मुस्लिमों के साथ भेदभाव करता है।

मलेशिया की प्रधानमंत्री ने कश्मीर मसले पर भी तीखी प्रतक्रिया करते हुए कहा था कि भारत ने कश्मीर पर सैन्य बल प्रयोग कर कब्ज़ा कर रखा है। इस बयान के बाद भारतीय काफी नाराज हो गए थे। भारतीय कारोबारियों के एक संगठन ने मलेशिया से खाद्य तेल का बहिष्कार कर दिया था। भारतीय व्यापारियों के बहिष्कार के बावजूद मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए कहा था कि कश्मीर मुद्दे पर वह अपने पुराने रुख पर कायम रहेंगे। 

वहीं भारत द्वारा मलेशिया के उच्चायुक्त को समन करने के बाद मलेशिया के विदेश मंत्री दातुक सैफुद्दीन अब्दुल्ला ने कहा कि यह एक सामान्य प्रक्रिया थी।उन्होंने कहा, मलेशिया के शीर्ष दूत को बुलाने को मैं बिल्कुल सामान्य मानता हूं। जब एक देश किसी घटना या बयान को लेकर असंतुष्ट होता है तो वह उस पर स्पष्टीकरण मानता है। हमारे उच्चायुक्त दातुक हिदायत अब्दुल हामिद ने इस मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है।

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