निर्भया केस में फिर एक नई तारीख


KULDEEP KUMAR

निर्भया गैंगरेप केस के चारों दोषियों का नया डेथ वारंट कोर्ट ने जारी कर दिया है। अब चारों दोषियों को 1 फरवरी की सुबह 6 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा। वहीं इससे पहले सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्याकांड के दोषी पवन ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। दोषी पवन ने कहा था कि वह उस वक़्त नाबालिग था। हाईकोर्ट ने पवन की नाबालिग होने की याचिका को ख़ारिज कर दिया था। 

इसके बाद निर्भया सामूहिक बलात्कार एवं हत्याकांड के चारों दोषियों में से एक मुकेश सिंह ने भी राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजी थी जिसे  राष्ट्रपति ने ख़ारिज कर दिया। गृह मंत्रालय ने गुरूवार को दोषी मुकेश की दया याचिका को राष्ट्रपति के पास भेजा था, साथ ही गृह मंत्रालय ने याचिका को नामंजूर करने की सिफारिश भी की थी। मामले में सभी दोषियों को 22 जनवरी को फांसी दी जानी थी। गुरूवार को चारों आरोपितों को तिहाड़ जेल के कारावास नंबर तीन में स्थानांतरित भी कर दिया गया था जहाँ पर फांसी घर है। 

दिल्ली सरकार ने बुधवार को उच्च न्यायालय को बताया था कि एक दोषी की दया याचिका लंबित होने के मद्देनजर फांसी को स्थगित किया जाना चाहिए। वहीं केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच दोषियों की फांसी में देरी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली सरकार पर दोषियों को देरी से सजा होने को लेकर दिल्ली सरकार की संलिप्तता और लापरवाही की बात कही तो आम आदमी पार्टी ने भाजपा के आरोप पर सफाई देते हुए कहा कि भाजपा लोगों को गुमराह कर रही है, उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था केंद्र के पास है। 

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि 2017 में मृत्युदंड के खिलाफ अपील को ख़ारिज करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उपरांत सभी दोषियों को अगर 'आप' सरकार ने नोटिस दे दिया होता तो अब तक दोषियों को फांसी हो चुकी होती और देश को इंसाफ मिल चुका होता। उन्होंने कहा कि फांसी में देरी की वजह 'आप' सरकार की लापरवाही है। दिल्ली सरकार को दोषियों से सहानुभूति है और यह देरी इसी का नतीजा है। 

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