आज़ादी और 15th August से जुड़ी दिलचस्प बातें


Mayank Kumar

आज पूरा देश आजादी की 74 वीं वर्षगांठ मना रहा है। आज ही के दिन 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ था। हिन्दुस्तान को अंग्रेजो से आजादी दिलाने में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की अहम भूमिका रही थी लेकिन शायद ही आप जानते होंगे कि जब भारत आज़ाद हुआ था तब महात्मा गांधी इस जश्न में शामिल नहीं हुए थे। 

आखिर क्यों महात्मा गांधी भारत की आज़ादी के जश्न में शामिल नहीं हुए थे, इसके बारे में आज हम आपको बताएंगे और इसके साथ ही हम आपको स्वतंत्रता दिवस के 74वें वर्षगांठ पर 15 अगस्त से जुड़ी 10 ऐसी रोचक जानकारियों के बारे में बताएंगे जिसके बारे में शायद ही आप जानते होंगे।

ये जानकारी भारत के हर नागरिक को पता होनी चाहिए, चाहे आप स्कूल में पढ़ रहे हैं या कॉलेज में, या फिर आप किसी बड़ी कम्पनी में ही क्यों ना काम कर रहे हों, आपको आपके देश के बारे में पता होना चाहिए। सीधे शब्दों में कहें तो ये जानकारी बच्चों से लेकर बूढ़े तक के लिए है। तो चलिए जानकारियों के पिटारे की शुरुआत करते हैं। 

1.  15 अगस्त 1947, को जब भारत को आजादी मिली थी तब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी इस जश्न में शामिल नहीं हो सके थे, दरअसल, महात्मा गांधी उस वक़्त दिल्ली में नहीं थे। महात्मा गांधी उस समय दिल्ली से हजारों किलोमीटर दूर बंगाल के नोआखली में थे, जहां वो हिंदु और मुस्लिम के बीच हो रहे सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए अनशन पर बैठे थे।

2. 15 अगस्त 1947 को, 1 रुपया 1 डॉलर के बराबर था और सोने का भाव 88 रुपए 62 पैसे प्रति 10 ग्राम था।

3. 15 अगस्त, 1947 को लॉर्ड माउंटबेटन ने अपने कार्यालय में काम किया। पंडित जवाहर लाल नेहरू ने उन्हें दोपहर में अपने मंत्रिमंडल की लिस्ट दी और इसके बाद इंडिया गेट के पास प्रिसेंज गार्डेन में एक सभा को संबोधित किया। लॉर्ड माउंटबेटन का पूरा नाम लॉर्ड लुइस माउंटबेटन था जो ब्रिटिश भारत के आखिरी वायसराय थे। 

4. ये लार्ड माउंटबेटन ही थे जिन्‍होंने खुद भारत की आज़ादी के लिए 15 अगस्‍त का दिन तय किया था क्‍योंकि इस दिन को वो अपने कार्यकाल के लिए बेहद सौभाग्‍यशाली मानते थे। 

5. 14 अगस्त की मध्यरात्रि को जवाहर लाल नेहरू ने अपना ऐतिहासिक भाषण दिया था जिसे 'ट्रिस्ट विद डेस्टनी' नाम दिया गया था। इस भाषण को पूरी दुनिया ने सुना था लेकिन महात्मा गांधी ने इसे नहीं सुना था क्योंकि उस दिन वो जल्दी सो गए थे।

6. भारत 15 अगस्त को आजाद जरूर हुए लेकिन उस समय हमारे देश का अपना कोई राष्ट्र गान नहीं था। रवींद्रनाथ टैगोर 'जन-गण-मन' 1911 में ही लिख चुके थे, लेकिन इसे राष्ट्रगान का दर्जा 1950 में मिला था।
7. 15 अगस्त तक भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा रेखा का निर्धारण नहीं हो पाया था। इसका फैसला 17 अगस्त को रेडक्लिफ लाइन की घोषणा से हुआ जो अब भारत और पाकिस्तान की सीमाओं को निर्धारित करती है।

8. हर साल स्वतंत्रता दिवस पर भारत के प्रधानमंत्री लाल किले से झंडा फहराते हैं, लेकिन 15 अगस्त, 1947 को ऐसा नहीं हुआ था। लोकसभा सचिवालय के एक शोध पत्र के मुताबिक पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 16 अगस्त, 1947 को लाल किले से झंडा फहराया था।

9. 15 अगस्त की तारीख हो ही दक्षिण कोरिया, बहरीन और कांगो देश भी स्वतंत्रता दिवस मनाती है लेकिन ये देश अलग-अलग साल में आज़ाद हुए थे।  दक्षिण कोरिया जापान से 15 अगस्त, 1945 को आज़ाद हुआ। ब्रिटेन से बहरीन 15 अगस्त, 1971 को और फ्रांस से कांगो 15 अगस्त, 1960 को आजाद हुआ था।

10.15 अगस्त के दिन ही वीर चक्र को मान्यता दी गई थी। वीर च्रक भारत का सर्वोच्च सैन्य सम्मान है। ज्यादातर इस मरणोपरांत दिया जाता है। यह सम्मान हमारे देश के सैनिकों को उनके असाधारण वीरता, शूरता और बलिदान के लिए दिया जाता है।

तो ये थीं 15 अगस्त से जुड़ी 10 रोचक जानकारियां। इस बार के 15 अगस्त पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को संबोधित करेंगे और उम्मीद ये जताई जा रही है कि पीएम मोदी कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं। कहा ये जा रहा है कि पीएम मोदी कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर एक बड़ा ऐलान कर सकते हैं।

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