विधायक की बेटी ने परिवार के 8 सदस्यों और 2 बहनों ने 42 बच्चों को उतारा था मौत के घाट, शबनम से भी क्रूर है इनका जुर्म


Kuldeep kumar

शबनम जिसके चर्चे अभी सुर्खियों में हैं, क्योंकि शबनम देश की ऐसी पहली महिला है जिसे फांसी की सजा होने वाली है। शबनम पर परिवार के ही सात सदस्यों की हत्या का आरोप है और अदालत ने शबनम को फांसी की सजा सुनाई है। लेकिन आज हम जो आपको कहानी बताने जा रहे हैं, वो शायद शबनम के जुर्म से भी बहुत बड़ा जुर्म है। ऐसी तीन महिलायें जिनके आगे शबनम का गुनाह भी छोटा पड़ जाए।

ये कहानी है हरियाणा के हिसार की, यहाँ विधायक रहे रेलूराम की बेटी सोनिया के जुर्म की दास्तान ने लोगों को हिला कर रख दिया था। सोनिया और उसके पति संजीव पर आरोप लगा था कि संपत्ति के चक्कर में 23 अगस्त 2001 में दोनों ने मिलकर अपने परिवार के आठ सदस्यों को मौत के घाट उतर दिया था। यहाँ तक कि सोनिया ने अपने पिता को भी मौत के घाट उतार दिया था। उस वक़्त इस मामले ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। 2004 में सेशन कोर्ट ने इस मामले के दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। इस सजा को आगे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने बरक़रार रखा। फांसी मिलने के बाद आरोपी दंपत्ति ने मौत की सजा से बचने के लिए राष्ट्रपति के पास भी दया याचिका लगाई, लेकिन उस वक़्त के तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इनकी दया याचिका को ख़ारिज कर दिया था।

इसी के साथ एक कहानी है उन 2 क्रूर बहनों की, जिसने देश ही नहीं बल्कि दुनिया का ध्यान भी अपनी ओर खींचा था। इन दोनों बहनों को निचली अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। इन दोनों बहनों का नाम रेणुका और सीमा है। कहा जाता है कि इन दोनों बहनों और इनकी माँ ने मिलकर करीब 42 बच्चों की हत्या की थी। हालाँकि अदालत में इन पर 13 किडनैपिंग और 6 हत्याओं का मामला ही साबित हो पाया। दोनों बहनें अभी भी पुणे की यरवदा जेल में बंद हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी दोनों की फांसी की सजा को बरक़रार रखा है।

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